free hindi sex stories sexy kahani sex storis xxx video story sexy phone call sex story chudai kahani girlfriend sex stories boy friend bhabhi ki chudai mami ki chudai ma ki chudai bahan ki chudai anty ki chudai aunty sexy story chudai kahani girl friend ki chudai bhabhi ki chudai bahan ki chudai Hot girl image sexy wallpaper girl image village girl image sexy girl call girl image boobs image porn sex images bhabhi ki chudai girl friend ki chudai porn image hot girl image
Showing posts with label आंटी की चुदाई. Show all posts
Showing posts with label आंटी की चुदाई. Show all posts
Sunday, 27 March 2016
बुआ की वासना की आग बुझाई
प्यारे दोस्तो, मैं एक नार्मल सा लड़का हूँ। मेरी उम्र 23 साल है। यह कहानी मेरी और मेरी बुआ की है जिनका एक साल पहले तलाक हो गया था। मेरी बुआ जी दिखने में गोरी, उठे हुए चूतड़ और बदन थोड़ा सा मोटा है, पर दिखने में स्मार्ट हैं। उस टाइम उनकी उम्र 32 साल की रही होगी।
वो मुझे अक्सर चुम्बन कर लेती या मेरी गर्दन में दांत से काट लेती थीं, पर इससे मुझे किसी तरह की कोई प्रॉब्लम नहीं होती थी। जब मैं 23 साल का हुआ तो एक
चाची की चूत की खुजली मिटाई चुदाई करके
हैलो दोस्तो, मेरा नाम कमल है मैं 20 साल का हूँ।
मैं अपने सेक्स के बारे बताने जा रहा हूँ जो कि मैंने पड़ोस की आरती चाची के साथ किया।
आरती चाची 32 साल की हैं पर लगती नहीं हैं। पतला सा जिस्म छोटे-2 से चुच्चे, लाल होंठ, गोरा बदन, बस माल हैं।
बात तब शुरु हुई जब एक दिन मैं उनके घर अपना कमीज वाशिंग मसीन के ड्रायर में सुखाने गया।
मैं जल्दी-2 में सीधा बाथरूम में चला गया, वाशिंग मशीन वहीं थी।
पर जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि आरती चाची नहा रही थी और चूत में हाथ डाले बैठी थी।
मुझे देखते ही उन्होंने दोनों हाथो से अपनी छाती छिपा ली।
मैं भी चुपचाप खिसक लिया वहाँ से !
थोड़े दिनों तक मैं चाची के घर नहीं गया।
एक दिन चाची ने मुझे बुलाया, मुझसे कहने लगी- कमल, क्या हुआ जो घर नहीं आए? ऐसा तो चलता रहता है, डरो मत इससे
हमारे रिश्ते पर फर्क नहीं पड़ता।
हमारे रिश्ते पर फर्क नहीं पड़ता।
मैंने मस्ती में बोला- चाची, लगता है आजकल खुजली ज्यादा हो रही है?
चाची भी मस्ती में बोली- बेटा, मैंने कई तिलों का तेल निकाला हुआ है !
बस फिर क्या था, मैं मौका देखकर चाची से सेक्सी बातें करने लगा, चाची भी मुझसे घुलमिल गई।
मौका देखकर मैं भी चाची पर हाथ फेर ही देता था।
एक दिन मैंने चाची से पूछ ही लिया- चाची, अब तो चूत के दर्शन करवा दो !
चाची भी मुँह बनाकर बोली- कमल, इसे हसीं मजाक तक ही रहने दो !
मैंने भी कह दिया- चाची, आपका तो फायदा है, आपको कोई बाँझ नहीं कहेगा !
चाची बिना कुछ कहे चली गई।
कुछ दिनों बाद चाची ने मुझे घर पर बुलाया और कहने लगी- कमल, ठीक है, आज रात तुम आ सकते हो।
मैं तो खुशी से पागल हो गया- पर चाची आज ही क्यों?
तो चाची कहने लगी- तुम्हारे चाचा आज की रात यहाँ नहीं हैं।
मैं तो चाची को चूमने लगा और जोश में उनके चूतड़ मसलने लगा।
चाची ने पीछे हटकर कहा- यहाँ कोई देख लेगा ! रात तक तो रुक जाओ।
तो मुझे भी लगा कि चाची ठीक कह रही हैं इसलिए मैं अपने घर आ गया।
जैसे तैसे 8 बजे तो मेरे पास मेरे डैडी आए और कहने लगे- बेटा, आज तुम अपनी आरती चाची के घर रुक जाना, तुम्हारे चाचा का फोन आया है, वो आज रात वो कहीं गए हुए हैं।
मैंने भी अनजान बनते हुए कहा- पापा, मैं कैसे एडजस्ट करुँगा?
मैंने भी अनजान बनते हुए कहा- पापा, मैं कैसे एडजस्ट करुँगा?
तो पापा कहने लगे- एक रात की ही बात है, अकेली औरत है बेचारी ! और तुम तो उसके बेटे जैसे ही हो।
मैंने कहा- ठीक है पापा !
करीब साढ़े नौ बजे मैंने वियाग्रा ली और चाची के घर चला गया।
चाची बेडरुम में मेरा इन्तजार कर रही थी, मैं तो बिस्तर पर कूद पड़ा, चाची को मैंने कस कर पकड़ लिया।
चाची की गर्म सांसें मैं अपने चेहरे पर महसूस कर रहा था।
मैंने चाची के होंटों पर होंट रख दिए और चूसने लगा।
चाची की तो आँखें ही बंद हो गई !
मैं तो मानो कि चाची के होंठों को खा जाना चाह रहा था। चाची मुझे पीछे से पकड़ रखा था।
मेरे दोनों हाथ चाची के चूतड़ों पर चलने लगे।
चाची मेरा हाथों को हटाने की कोशिश करने लगी पर मैंने चाची के कूल्हों के बीच की लकीर को रगड़ना जारी रखा।
कुछ देर बाद मैंने चाची की कमीज उतार दी।
अब चाची आधी नंगी थी।
मैं चाची के एक चुच्चे को मुँह में लेकर चूसने लगा, मैं लगातार चाची के चूतड़ों को पीछे से दबाने लगा।
चाची तो मानो पागल सी हो गई, चाची मुँह से ‘आ… आ… आह… स्सस… आह… उऊउ…’ की आवाज निकलने लगी।
मैंने भी एक एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिए।
मेरा 7 इन्च का लण्ड को देखकर चाची के चेहरे पर मानो चमक सी आ गई।
मैं दोबारा चाची के चुच्चों पर टूट पड़ा।
कमरे में ‘अम्म… अम्म… मअम…’ की आवाज आ रही थी।
चाची अचानक चीख पड़ी और मेरी पीठ पर नाखून गड़ा दिए। मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने चुच्चों पर दातों से काट दिया।
चाची का दर्द कम करने के लिए मैं उनकी चूत में उंगली करने लगा।
उंगली से तो चाची सिमट सी गई।
धीरे धीरे मैं चूत पर आ गया, चाची ने जैसे अभी-2 चूत को शेव किया हो। मैं धीरे धीरे चूत पर जीभ चलाने लगा तो चाची तो तड़प सी उठी।
मुझे लगा कि मानो कोई कच्चा मांस चबा रहा हूँ।
मुझे लगा कि मानो कोई कच्चा मांस चबा रहा हूँ।
थोड़ी ही देर बाद चाची की चूत ने पानी छोड़ दिया, मुझे उल्टी आने लगी तो खड़ा हो गया।
चाची तड़प उठी मानो किसी बच्चे से खिलौना छीन लिया हो, चाची बोलने लगी- कमल रुक क्यों गए? कितना मजा आ रहा था।
मैंने चाची से कह दिया- चाची, मुझे तो उलटी आ रही है।
तभी मुझे कुछ सूझा, मैं फ्रिज से चोकलेट पेस्ट्रीज और सलाईस ले आया।
चाची को तो समझ ही नहीं आया।
मैंने चाची की दोनों टाँगें अपने कंशों पर रख ली और पेस्ट्रीज को चूत में घुसेड़ने लगा और सलाईस की बोतल से रस को चूत के अदंर
टपकाने लगा।
टपकाने लगा।
चाची को भी समझ आने लगा कि हो क्या रहा है।
बस फिर क्या था, मैं जीभ से चाची की चूत को जोर लगा कर चूसने लगा, कभी चूत के दाने को दांतों से कुरेद देता तो चाची सिहर जाती।
सारे कमरे में चाची की सिसकारियाँ गूँज रही थी। चाची तो मानो सातवें आसमान थी।
सारे कमरे में चाची की सिसकारियाँ गूँज रही थी। चाची तो मानो सातवें आसमान थी।
चाची इसी बीच चाची दो बार झड़ चुकी थी, मेरे मुँह में चॉकलेट और चूत के पानी का मिलाजुला स्वाद आ रहा था।
चाची तो मानो बेजान सी पड़ी थी और मेरा लण्ड मानो फटने को तैयार था, खून का दौरा इतना हो गया कि लण्ड में दर्द की लहर दौड़ गई।
मैंने भी अपना लौड़ा चाची के मुँह में दिया। चाची भी ऐसे लण्ड चूसने लगी मानो बदला उतार रही हो।
मैं तो मानो स्वर्ग में था !
चाची का मुँह दुखने लगा तो कहने लगी- कमल क्या हुआ, अभी तक झड़े नहीं?
मैंने कहा- चाची, ये वियाग्रा का कमाल है।
‘पर कमल, अब देर मत कर, मेरी चूत की प्यास बुझा दे !’
मैंने जल्दी-2 चाची की गाण्ड के नीचे तकिया लगाया और चाची की चूत पर लण्ड रगड़ने लगा।
चाची तो तड़प उठी- कमल, अब ना तड़पा।
मैंने लण्ड सीधा कर धक्का मार दिया।
चाची की तो चीख निकल पड़ी- आ… आ… आ… स्सश… आराम से कर… मार डालेगा क्या?
बस मैं तो धक्के पे धक्के लगाने लगा। चाची की टाँगों को मैंने ऊपर उठा रखा था, चाची भी नीचे से चूतड़ उठा उठा कर चुद रही थी, कभी अपने बाल नोचती, कभी मेरी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी।
चाची ‘अआहह… स्सस…’ हल्का सा चीख रही थी और साथ ही चूत को रगड़ रही थी।
कुछ देर बाद चाची अधमरी सी लेट गई थी।
मैं शायद झड़ने वाला था, मैंने चाची को कूल्हों से पकड़ कर ऊपर उठा लिया, थोड़ी देर में मैं और चाची साथ-साथ झड़े।
मुझे तो पता ही नहीं चला कि कब नींद आ गई।
तो दोस्तो, मैंने उस रात चाची तीन चोदा। उसके बाद भी कई बार चोदा मौका ढूंढ कर ! तब जाकर वे एक बेटे की माँ हैं।
पर अब वो मुझसे सेक्स नहीं करती और मैं भी चाची को तंग नहीं करता क्योंकि दोस्तो सेक्स में प्यार से मजा आता है, जबरदस्ती में नहीं !
आंटी की चूत में ऐसे लंड दिया
आंटी की चूत में ऐसे लंड दिया की वो खुश हो गई. घोड़ी बन के चुदवाने के बाद तो वो बोली की मैं बड़ा ही मस्त चोदता हूँ.
अभी तो मैं 25 वर्ष का हो गया हूँ और अपने परिवार के साथ दिल्ली की एक कॉलोनी में रहता हूँ पर यह घटना मेरे जीवन में लगभग तीन वर्ष पहले घटी थी जब मैं 22 वर्ष का था।
हमारे फ्लैट के साथ वाले फ्लैट में एक परिवार रहता है जिसमे एक बहुत ही सुन्दर आंटी सिर्फ अपने पति के साथ रहती हैं।
हमारे फ्लैट के साथ वाले फ्लैट में एक परिवार रहता है जिसमे एक बहुत ही सुन्दर आंटी सिर्फ अपने पति के साथ रहती हैं।
मौसी को जमकर चोदा
नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप? मेरा नाम निखिल है, कानपुर का रहने वाला हूँ, अभी उच्च अध्ययन कर रहा हूँ। कॉलेज में मैं बहुत सी लड़कियों को चोद चुका हूँ। मेरी उम्र 23 साल है, कद 5 फीट 9 इंच है, अच्छा खासा व्यक्तित्व है। मेरा लंड आठ इंच लम्बा है और बहुत मोटा है। आज मैं भी अपना एक ख़ुद का अनुभव लिख रहा हूँ। यह जो मैं कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो मेरी मौसी और मेरी है।
चाची की चूत चाटी संतुष्ठ करना पड़ा
उन्होंने मुझे नौकरानी के साथ देखा और मुझे चाची की चूत को भी संतुष्ठ करना पड़ा – हॉट सेक्स कहानी.
18 का ही था जब मेरी जिन्दगी में यह घटना बनी. घर में कामवाली आती थी जिसके साथ मुझे प्यार हो गया था. प्यार कहो या सेक्स, सब सेम हैं. कामवाली को मैं एक शॉट के 100 रूपये देता था और बदले में वो मुझे लंड चूस देती थी और पिचकारी अंदर ना मारने की शर्त पे चूत में भी डालने देती थी. लेकिन कहते हैं ना की प्यार को दुनिया की नजर लग ही जाती हैं. ऐसा ही कुछ हुआ मेरे किचन में जन्मे और किचन में ही मरे हुए प्यार के साथ. एक दिन मैं
Subscribe to:
Posts
(
Atom
)





